ताज़ा तरीन

क्या ताकुला के दिन बहुरेंगे..2

क्या ताकुला के दिन बहुरेंगे..2

राजीव लोचन साह इस अलंघ्य चट्टान के बारे में जानने से पूर्व गोविन्द लाल साह सलमगढ़िया और ताकुला के बारे में थोड़ा जान लें। कुमाऊँ के तमाम उच्च वर्ण के लोगों की तरह साह लोग भी अपने आप को राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र आदि से आया हुआ मानते हैं। सलमगढ़िया लोग मानते हैं कि वे मूलतः […] Read more

सिर्फ 20 रुपये के कैप्सूल से पाए पराली से छुटकारा, मिट्टी की उपजाऊ क्षमता भी बनी रहेगी

सिर्फ 20 रुपये के कैप्सूल से पाए पराली से छुटकारा, मिट्टी की उपजाऊ क्षमता भी बनी रहेगी

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), पूसा के वैज्ञानिकों ने उत्तर भारत में जलती हुई पराली की बढ़ती समस्या का हल खोज लिया है. यह इतना सस्ता है कि हर किसान को आसानी से मिल सकता है. हालाँकि कई किसानों को अभी भी इस समाधान के बारे में पता नहीं है जो एक छोटे कैप्सूल के […] Read more

सम्पादकीय

लद्दाख को जम्मू कश्मीर से अलग करने की प्रक्रिया अब हुई संवैधानिक..

लद्दाख को जम्मू कश्मीर से अलग करने की प्रक्रिया अब हुई संवैधानिक..

राजीव लोचन साह जम्मू कश्मीर को दो हिस्सों में बाँटने और लद्दाख को जम्मू कश्मीर से अलग करने की प्रक्रिया अब सांवैधानिक रूप से भी पूर्ण हो गई है। मगर लगभग तीन माह बीत जाने पर भी कश्मीरी अवाम को उस खुली जेल से मुक्ति नहीं मिल पायी है, जिसमें उसे 5 अगस्त को डाल […] Read more

कश्मीर घाटी की कैद

कश्मीर घाटी की कैद

राजीव लोचन साह कश्मीर घाटी को कैद में गये हुए दो माह होने को हैं, मगर देश की सामूहिक चेतना में वह बेचैनी बहुत कम देखने को आ रही है, जो किसी संवदेनशील समाज में होनी चाहिये। एक निरपराध व्यक्ति को हिरासत में ले लिये जाने पर लोगों की सहानुभूति जगने लगती है। मगर यहाँ […] Read more

आशल कुशल

देश दुनिया

विकास का असमंजस

विकास का असमंजस

मृगेश पाण्डे समुद्र मंथन में अमृत की खोज चल रही हैण् अमर बने रहना है देवों को भी और असुरों को भीण् विष निकलता है तो शिव उसे पी जाते हैं गले में रोक ले... Read more

दिल्ली सरकार की नीतियों से सरकारी स्कूल में आई क्रांति

दिल्ली सरकार की नीतियों से सरकारी स्कूल में आई क्रांति

रमेश मुमुक्षु एक समय था कि दिल्ली में सभी बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते थे। लेकिन कालांतर में सरकारों स्कूल पिछड़ते चले गए। निजी स्कूल की रफ्तार इतनी तेज... Read more

किताबें

ऐतिहासिक है महाविद्यालय के विभागों से पत्रिकाओं का निकलना

ऐतिहासिक है महाविद्यालय के विभागों से पत्रिकाओं का निकलना

नवेन्दु मठपाल यह अपने आप में एक उदाहरण होगा कि एक ही महाविद्यालय में एक समय पर अलग-अलग विभागों से 7 दीवार पत्रिकायें निकल रही हैं।  यह  ऐतिहासिक है। स... Read more

पुस्तक समीक्षा : गहन है यह अन्धकारा

पुस्तक समीक्षा : गहन है यह अन्धकारा

अशोक पाण्डे    पुलिस तफ्तीश करती है और कई तरह की पूछताछों, शिनाख्तों और अनुसन्धानों के बाद अपराधी का पता लगा लेती है. अमित श्रीवास्तव के सद्यः प्... Read more

साहित्य और संस्कृति

घण्टियों का सरगम

घण्टियों का सरगम

हिन्दी के मूर्धन्य कथाकार शेखर जोशी विगत कुछ वर्षों से कवितायें लिखने में रुचि ले रहे हैं। यह कविता उन्होंने कथाकार/पत्रकार नवीन जोशी के माध्यम से विश... Read more

दीपावली...

दीपावली…

   शिरीष कुमार मौर्य रंगीन रोशनियों की झालरें परग्रही लगती हैं उनमें मनुष्यता का अनिवार्य उजाला नहीं है शिवाकाशी के मुर्गा छाप पटाखे सस्ते चीनी प... Read more

पर्यावरण

सिर्फ 20 रुपये के कैप्सूल से पाए पराली से छुटकारा, मिट्टी की उपजाऊ क्षमता भी बनी रहेगी

सिर्फ 20 रुपये के कैप्सूल से पाए पराली से छुटकारा, मिट्टी की उपजाऊ क्षमता भी बनी रहेगी

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), पूसा के वैज्ञानिकों ने उत्तर भारत में जलती हुई पराली की बढ़ती समस्या का हल खोज लिया है. यह इतना सस्ता है कि हर कि... Read more

पीछे छूटता पहाड़

पीछे छूटता पहाड़

चन्द्रशेखर तिवारी आम लोगों के संघर्ष, आंदोलन और उनकी शहादत से जन्मा ‘उत्तराखंड’ हमारे देश के राजनैतिक मानचित्र में एक राज्य के रुप में उभर... Read more

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